रात की चादर में, जब सब सोते हैं खुशी से,
एक मााँ अपने बच्चे के साथ बैठी, आसमान की ओर देखती है।
बच्चा हंसता है, फिर चााँद को देखता है, और कहता है मााँ से उसे उठा ले।
मााँ मुस्कान के साथ कहती है, ूस्वर्ग जाकर नीचे भेज ाँर्ी, प्यारे । ू
प्यारी बाहों में, वह उसे सुलाती है, र्हरी और मीठी नींद में ललपटाती है।
विदुश्री पारीक १० H