
अधर्म पर धर्म का, गूंजता है संगीत,
दशहरा का त्योहार है, सच्चाई की जीत ।
बुराई पर अच्छाई की, दीप है जलती,
रावण के अंत की, कहानी यह कहती ।
राम की विजय, हमें सिखाती हर बार,
सत्य की राह पर चलो, चाहे हो कितनी भी मार ।
नारी शक्ति का भी, यह पर्व है साया,
दुर्गा माँ का आशीर्वाद, हम सब पर छाया ।
जलते हैं रावण के पुतले, देते संदेश हर साल,
अहंकार और बुराई का, होगा सदा यही हाल ।
मन में बसाओ राम, और सोचो वही,
दशहरा हमें सिखाता है, अच्छाई की महिमा यही ।
असत्य से लड़ें हम सच्चाई को अपनाएूं,
इस पव में हम एक नई कहानी सजाएूं ।
सत्य का मार्ग पकड़ो, बुराई को छोडो,
दशहरे का पर्व है, हम सबको जोड़ो ।
आओ मिलकर करें एक नारा,
हर दिल में हो विश्वास का सहारा ।
अधर्म पर धर्म का, गूंजता है संगीत,
दशहरा का त्योहार है, सच्चाई की जीत ।
– स्मृति श्रीवास्तव
शिक्षिका
डी.ए.वी स्कूल, काठमांडू